डा. रेवतीरमण लाल

डा. रेवतीरमण लाल


मधुश्रावनी

मधुश्रावनी आएल

मन-मन हर्षए

चहुँदिस साओन

सुन्दर घन वर्षए

काँख फुलडालि

मुस्कथि कामिनी

मलय पवन

सुगन्धित शीतल

दमकए दामिनी

नभ मंडलमे घनघोर

मानू जल नहि वर्षए

विरही यक्षक नोर

झिंगुर बेंङ्ग गुञ्जए

जल थल अछि चहुँओर।

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