राम नारायण देव

राम नारायण देव


उठल मधेशी कयल हुँकार

लऽके रहत, अप्पन अधिकार

जन जनकेँ, एके आवाज

सबहक माँग, मिथिला राज्

अप्पन भाषा, अप्पन सँस्कृति

अप्पन अर्थनीति, अप्पन राजनीति

मधेशी आन्दोलनक इएह सन्देश

अप्पन बात, अप्पन परिवेश

निरकुश राजतन्त्रक भेल अवसान

भेंटल लोकतन्त्रक बरदान

मेचीमहाकाली उमडिगेल अछि

राज्यशक्ति मुकिगेल अछि

उठू बन्धू, उठाउ तखआरि

भगाउ सामन्ती राजदरवार

गठन करु गणतन्त्रक सरकार

करु राज्यक पुर्नसँरचना

समावेसी लोकतन्त्र

समानुपातिक कल्पना

अप्पन विकार, अप्पन विचार

आव कियो नहि रहत, शिक्षित वेरोजगार

छोडू आपसी मेल, करु विकासक मात्र खेल

उखाडि फेकू, राजाक ताज

तखन भेटत अप्पन स्वराज

जनजनके एके आवाज

सबहक माँग, मिथिला राज्य।


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