धर्मेन्द्र विह्वल
जन्म विक्रम सम्वत २०२३-१२-०४, बस्तीपुर सिरहा,शिक्षा: एम ए (मैथिली/राजनीतिशास्त्र), डिप्लोमा ईन डेभलपमेन्ट जर्नालिज्म, प्रकाशित कृति : एक समयक बात (वि स २०६१ मैथिली हाईकु संग्रह ), रस्ता तकैत जिनगी (वि स २०५०/ कविता संग्रह ),एक सृष्टि एक कविता (२०५७/दीर्घ कविता ),हमर मैथिली पोथी (कक्षा 1 सं ५ धरिक पाठय पुस्तक),सम्प्रति: सभापति, नेपाल पत्रकार महासंघ—सम्पादक
किछु छौंक
१) बदनामी–
प्रेम आ सिनेहकेँ
सरेबजार
निलाम नहि करू
गौरवमय इतिहासकेँ
एना बदनाम नहि करू ।
२) विज्ञापन
जानि नहि
आदमीक जंगलमे
हम कतय
हेरा रहल छी
अखवारक ढ़ेरमे
हम जिनगीक विज्ञापन
ताकि रहल छी ।
३) इज्जत
खुलेआम इज्जत
बिका रहल अछि
दाम दऽ
झट कीनि दिअ
जल्दि करू
स्टोक सीमित अछि ।

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